ब्लॉकचेन में डेटा मॉडल यह तय करते हैं कि लेन-देन (Transactions), स्वामित्व (Ownership) और नेटवर्क की स्थिति (State) को कैसे संरचित, संग्रहीत और अपडेट किया जाता है। अलग-अलग ब्लॉकचेन अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अलग डेटा मॉडल का उपयोग करते हैं।
1. UTXO मॉडल (Unspent Transaction Output)
उपयोग करने वाले ब्लॉकचेन: Bitcoin, Litecoin, Dogecoin
कैसे काम करता है:
- हर ट्रांजैक्शन पुराने अनस्पेंट आउटपुट (UTXO) को खर्च करता है
- हर आउटपुट या तो पूरा खर्च होता है या बिल्कुल नहीं
- स्वामित्व क्रिप्टोग्राफिक सिग्नेचर से प्रमाणित होता है
मुख्य विशेषताएँ:
- अत्यधिक सुरक्षित और पारदर्शी
- ट्रांजैक्शन सत्यापन आसान
- पैरेलल प्रोसेसिंग संभव
सीमाएँ:
- स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के लिए जटिल
- बैलेंस ट्रैक करना कठिन
👉 डिजिटल करेंसी सिस्टम के लिए सर्वोत्तम
2. अकाउंट-बेस्ड मॉडल (Account-Based Model)
उपयोग करने वाले ब्लॉकचेन: Ethereum, BNB Chain, Polygon
कैसे काम करता है:
- हर अकाउंट का एक बैलेंस और स्टेट होती है
- ट्रांजैक्शन सीधे बैलेंस अपडेट करता है
- स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट विशेष अकाउंट होते हैं
मुख्य विशेषताएँ:
- समझने में आसान (बैंक अकाउंट जैसा)
- dApps और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के लिए उपयुक्त
सीमाएँ:
- ट्रांजैक्शन ऑर्डरिंग पर निर्भरता
- नॉन्स (Nonce) मैनेजमेंट जरूरी
👉 प्रोग्रामेबल ब्लॉकचेन के लिए उपयुक्त
3. हाइब्रिड मॉडल (UTXO + Account)
उपयोग करने वाले ब्लॉकचेन: Cardano (EUTXO), Nervos
कैसे काम करता है:
- UTXO की सुरक्षा + अकाउंट मॉडल की प्रोग्रामेबिलिटी
- स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट आउटपुट के रूप में परिभाषित
विशेषताएँ:
- उच्च सुरक्षा
- डिटरमिनिस्टिक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट
- बेहतर स्केलेबिलिटी
👉 सुरक्षित स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के लिए उपयुक्त
4. स्टेट-बेस्ड मॉडल (State-Based Model)
उपयोग: Ethereum (आंतरिक रूप से)
कैसे काम करता है:
- पूरी नेटवर्क स्टेट को ट्रैक करता है
- हर ब्लॉक में स्टेट रूट अपडेट होता है
👉 जटिल dApps के लिए उपयोगी
5. ऑब्जेक्ट-बेस्ड मॉडल (Object-Based Model)
उपयोग करने वाले ब्लॉकचेन: Sui, Aptos
कैसे काम करता है:
- हर एसेट को एक स्वतंत्र ऑब्जेक्ट माना जाता है
- ऑब्जेक्ट का स्वामित्व स्पष्ट होता है
विशेषताएँ:
- उच्च थ्रूपुट
- बेहतर पैरेलल एक्जीक्यूशन
👉 अगली पीढ़ी के ब्लॉकचेन के लिए
6. DAG आधारित डेटा मॉडल (Directed Acyclic Graph)
उपयोग करने वाले ब्लॉकचेन: IOTA, Hedera, Nano
कैसे काम करता है:
- ब्लॉक्स की जगह DAG संरचना
- ट्रांजैक्शन एक-दूसरे को कन्फर्म करते हैं
विशेषताएँ:
- तेज़ ट्रांजैक्शन
- कम या शून्य फीस
👉 IoT और माइक्रो-पेमेंट्स के लिए उपयुक्त
7. ऑन-चेन + ऑफ-चेन हाइब्रिड मॉडल
उपयोग: Lightning Network, Rollups
कैसे काम करता है:
- अधिकतर डेटा ऑफ-चेन
- ऑन-चेन केवल प्रूफ स्टोर
विशेषताएँ:
- अत्यधिक स्केलेबिलिटी
- कम लागत
👉 बड़े पैमाने पर ब्लॉकचेन स्केलिंग के लिए
संक्षिप्त तुलना तालिका
| डेटा मॉडल | उदाहरण | उपयोग |
| UTXO | Bitcoin | डिजिटल करेंसी |
| अकाउंट-बेस्ड | Ethereum | स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट |
| हाइब्रिड | Cardano | सुरक्षित dApps |
| ऑब्जेक्ट-बेस्ड | Sui | हाई परफॉर्मेंस |
| DAG | IOTA | IoT |
| हाइब्रिड स्केलिंग | Rollups | कम फीस |
✍️ लेखक: अमिताभ ए. के. भटनागर
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